APA (7 वां संस्करण) प्रशस्ति पत्र

Kisch, E. E. (1979). Nichts ist erregender als die Wahrheit. Kiepenheuer und Witsch.

शिकागो शैली (17वां संस्करण) प्रशस्ति पत्र

Kisch, Egon Erwin. Nichts Ist Erregender Als Die Wahrheit. Köln: Kiepenheuer und Witsch, 1979.

एमएलए (8वां संस्करण) प्रशस्ति पत्र

Kisch, Egon Erwin. Nichts Ist Erregender Als Die Wahrheit. Kiepenheuer und Witsch, 1979.

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